बुरी नजर वाले तेरा मुँह काला मुहावरे का हिन्दी अर्थ


Buri nazar wale tera muh kala, बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला मुहावरे का सही हिंदी अर्थ, बुरी नजर वाले तेरा मुँह काला मुहावरे की कहानी

आपने रोड के ऊपर चलते बड़े-बड़े ट्रकों के ऊपर या बहुत सी गाड़ियों के ऊपर एक मुहावरा लिखा हुआ जरूर देखा होगा, जिसमें लिखा होता है कि “बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला” पर क्या आप जानते हैं इस मुहावरे का अर्थ क्या होता है और यह गाड़ियों के ऊपर क्यों लिखा रहता है।

आज की इस लेख में आपको इस मुहावरे का पूरा हिंदी अर्थ बताया गया है साथ ही इस मुहावरे से संबंधित आपको यहां एक कहानी भी बताई गई है जिसे आपको जरूर पढ़ना चाहिए।

Buri nazar wale tera muh kala

बुरी नजर वाले तेरा मुँह काला मुहावरे का हिंदी अर्थ क्या होता है?

अगर आप किसी पर बुरी नजर या गंदी नजर से देखते हैं तो एक दिन आपका ही बुरा होता है।

बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला मुहावरे का सही हिंदी अर्थ होता है कि जो भी व्यक्ति किसी चीज के ऊपर अपनी गंदी नजर डालता है या किसी व्यक्ति का बुरा सोचता है या बुरा करता है तो उस व्यक्ति के साथ हमेशा बुरा ही होता है।

और बुरी नजर का शिकार सबसे ज्यादा स्त्रियां होती है और यह आज की बात नहीं है बरसों से यही चला आ रहा है कि स्त्रियां पुरुषों की बुरी नजर का शिकार हुई है, फिर चाहे इतिहास की बात हम क्यों ना कर ले, जिसमें अगर रामायण और महाभारत की बात की जाए तो यह दोनों युद्ध स्त्रियों के ऊपर बुरी नजर डालने के कारण ही हुए थे।

और जिसका अंजाम हम सभी को पता है कि अंत में माता सीता को उठाने वाले रावण का क्या हुआ था और महाभारत में द्रोपति के साथ दूर व्यवहार करने पर कौरवों का विनाश हो गया था, दोस्तों इस बात का इतिहास गवाह है कि जो भी व्यक्ति किसी के ऊपर बुरी नजर डालेगा तो उसके साथ हमेशा बुरा ही होगा।

इसीलिए आज के समय में लोग अपनी गाड़ियों के पीछे यह बात हमेशा लिखवा कर रखते हैं कि बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला ताकि उनकी गाड़ी के ऊपर किसी की नजर ना लगे और वह हमेशा सुरक्षित चलती रहे।

दोस्तों इस लेख में हमने आपको इस मुहावरे से संबंधित कहानी बताई है इसे आपको पूरा जरूर पढ़ना चाहिए।


बुरी नजर वाले तेरा मुँह काला मुहावरे की कहानी

हमारी कहानी की शुरुआत एक ऐसे परिवार से होती है जो एक छोटे से गांव के अंदर रहा करता था गांव का नाम रामपुर था और उस गांव में एक सरकारी मास्टर जी का छोटा सा परिवार रहता था, जिसमें मास्टर जी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे, मास्टर जी के एक लड़का और एक लड़की थी, जिनकी उम्र लगभग 20 से 22 साल के बीच थी।

एक दिन मास्टर जी का तबादला शहर के एक स्कूल के अंदर हो गया, जिसके कारण उनके पूरे परिवार को गांव छोड़कर शहर में रहने के लिए जाना पड़ा, मास्टर जी के दोनों बच्चे अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और शहर जाने के बाद उनका एडमिशन एक अच्छे कॉलेज के अंदर हो गया था,

मास्टर जी के लड़की का नाम राहुल था और उनकी लड़की का नाम दिव्या था, दोनों हंसी खुशी कॉलेज जाया करते थे पर दिव्या स्वभाव में काफी सरल और सीधी थी उसे अपनी पढ़ाई के अलावा किसी और चीज में रुचि नहीं थी, पर यही अगर राहुल की बात की जाए तो उसे दूसरों को सताने में काफी मजा आता था और वह काफी ज्यादा शरारती भी था।

पर बात यहीं तक नहीं रुकी और कॉलेज में जाकर उसने कुछ ऐसे दोस्त बना लिए जो कि काफी ज्यादा बिगड़े हुए थे, और राहुल अपने दोस्तों के साथ हर दिन कॉलेज की लड़कियों को छेड़ा करता था और उन्हें बुरी नजर से देखने भी लगा था, पर कुछ दिनों में ही अब राहुल की यह आदत कॉलेज से बाहर भी नजर आने लगी थी।

राहुल राह चलती लड़कियों को बुरी नजर से देखने लगा और उन्हें छेड़ने लगा था, ऐसे में राहुल ने अपनी बहन दिव्या की एक खास सहेली को रास्ते में जाते वक्त उसे काफी ज्यादा परेशान किया और उससे कहने लगा मैं तुमसे प्यार करता हूं और अब तुम्हें भी मुझसे प्यार करना होगा नहीं तो मैं तुम्हें काफी ज्यादा परेशान करूंगा।

ऐसे में उस लड़की ने अपनी पूरी आपबीती राहुल की बहन दिव्या से जाकर कह दी जिसे सुनकर दिव्या को विश्वास नहीं हुआ, पर उसने जब अपनी दूसरी सहेलियों से पूछा तो उन्होंने भी यह कहा कि राहुल काफी ज्यादा बिगड़ चुका है और वह अब सभी लड़कियों को बुरी नजरों से देखता है।

अब ऐसे में दिव्या ने उसे सबक सिखाने के लिए और गलत दोस्तों की संगत छुड़ाने के लिए एक प्लान सोचा, जिसमें दिव्या अपने मुंह पर एक कपड़ा बांधकर रास्ते पर निकल गई और वह जानबूझकर उस रास्ते से गई जिस पर राहुल हमेशा अपने दोस्तों के साथ खड़ा रहकर आती-जाती लड़कियों को छोड़ता था।

जैसे ही दिव्या राहुल के पास से गुजरी तो राहुल और उसके दोस्तों ने दिव्या का रास्ता रोक लिया, और राहुल दिव्या को देखकर अपने दोस्तों से कहने लगा, यार इससे पहले कभी इस रास्ते पर इसे नही देखा यह हमारी नजरों से कैसे बच गई, यह तो काफी कमाल की बंदी है,

इसे तो अब मैं अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊंगा, ऐसे में उसके दोस्त राहुल से कहने लगे, तुझे गर्लफ्रेंड बनाना है बना लेना, पर उससे पहले मैं इसे अपने साथ अपने घर लेकर जाऊंगा और पूरे मजे करूंगा, यह सुनकर राहुल और उसके सारे दोस्त जोर जोर से हंसने लगे।

ऐसे में दिव्या ने उन सब से कहा कि तुम सब पहले यह डिसाइड करो कि मुझे अपने साथ कौन लेकर जाएगा मैं तुम्हारे साथ चलने को तैयार हूं पर मैं किसी एक के साथ ही जाऊंगी, इस बार राहुल थोड़ा कंफ्यूज हो गया था और उसे उस लड़की की आवाज जानी पहचानी सी लगने लगी और राहुल के बाकी के दोस्त अब आपस में उसे ले जाने के लिए लड़ने लगे कि उसे अब कौन लेकर जाएगा।

ऐसे में राहुल ने उस लड़की से कहा कि अपने चेहरे से पहले नकाब हटाओ, तो दिव्या ने राहुल से कहा कि क्यों नकाब क्यों हटाहूं क्या तुम्हें मैं ऐसे अच्छी नहीं लग रही, फिर राहुल ने कहा कि नहीं वह बात नहीं है बस मुझे तुम्हारा चेहरा देखना है, इसके बाद दिव्या ने अपने चेहरे से नकाब हटाया और कहा लो देखो मेरा चेहरा।

पर अब दिव्या का चेहरा देखकर राहुल कि होश उड़ चुके थे और उसने अपने दोस्तों से कहा यह तो मेरी बहन है, पर उसके दोस्तों ने कहा कि तो क्या हुआ, बहन तेरी है हमारी नहीं हम तो मजे कर ही सकते हैं। और जब यह खुद हमारे साथ जाने को तैयार है तो तुझे क्यों परेशानी हो रही है।

यह सुनकर राहुल अब दिव्या के पैरों में गिर गया और उससे कहने लगा बहन मुझे माफ कर दो मुझे समझ आ गया कि हर लड़की किसी ना किसी की मां और बहन होती है हमें उसको इज्जत भरी नजरों से देखना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए आज के बाद मैं कभी भी किसी लड़की को नहीं छेडूंगा, और अपने सभी बेकार दोस्तों का साथ भी छोड़ दूंगा।

यह सुनकर दिव्या ने अपने भाई को माफ कर दिया पर राहुल के दोस्त अभी भी दिव्या के साथ बदतमीजी कर रहे थे, पर दिव्या को पता था कि आगे जाकर कुछ ऐसा ही होने वाला है उसने पहले से ही पुलिसवालों को इनफॉर्म किया हुआ था, और फिर समय रहते वहां पुलिस पहुंच चुकी थी और दिव्या ने उन सभी लड़कों को पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया।

दोस्तों इस तरह से राहुल को यह सीख मिली कि अगर तुम किसी के ऊपर बुरी नजर डालोगे तो अंत में तुम्हारा ही बुरा होगा।

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा प्राप्त होती है

दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर आप भी किसी के ऊपर गलत नजर या किसी का बुरा सोचते हो तो अंत में आपका ही बुरा होता है, जिस तरह आपने कहानी में पढ़ा की राहुल जब दूसरी लड़कियों को छेड़ता था तो उसे काफी मजा आता था, पर अंततः जब राहुल के दोस्त उसकी ही बहन को छेड़ने लगे तो राहुल को अपनी गलतियों का एहसास हुआ और उसने अपनी बहन से माफी मांगी।

साथ ही राहुल के दोस्तों को पुलिस पकड़ कर ले गई, इस तरह इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी किसी भी लड़की को गलत निगाहों से नहीं देखना चाहिए।

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