“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र फायदे के और मंत्र का हिंदी अर्थ क्या है?


जय महाकाल, हर हर महादेव! 

Shree shivay namastubhyam mantra meaning in hindi, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का महत्व, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का हिंदी अर्थ, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र की उत्पत्ति

महाकाल के सभी भक्तों को हमारा नमस्कार!, यदि आप महाकाल के भक्त हैं तो आपको “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” (Shree shivay namastubhyam) हर हर महादेव के इस मंत्र की उत्पत्ति, फायदे और मंत्र का हिंदी अर्थ जरूर जानना चाहिए,

ताकि आप भी महादेव की असीम कृपा प्राप्त कर सकें, आज के इस लेख में हम आपको इस मंत्र से संबंधित हर जानकारी देंगे, तो चलिए ज्यादा देर ना करते हुए आगे बढ़ते हैं और महादेव के इस मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का हिंदी अर्थ समझते हैं।

Shree shivay namastubhyam mantra meaning in hindi

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र की भक्ति और श्रद्धा की शक्ति

सनातन धर्म की आध्यात्मिकता में, मंत्र वे धागे हैं जो आत्मा को परमात्मा से बांधते हैं, और हमारे हिंदू धर्म अर्थात सनातन धर्म में महादेव का यह एक मनमोहक मंत्र है “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्”, जो भगवान शिव के प्रति उनके भक्तों की “भक्ति और श्रद्धा” को दर्शाता है। 

इस मंत्र का आह्वान एक गहरा महत्व रखता है, जो नश्वर अस्तित्व और दिव्य क्षेत्र के संबंध को आपस में जोड़े रखता है, आइए इसके मूल, लाभों पर गौर करें और इसके हिंदी अर्थ को जाने।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का हिंदी अर्थ (Shree shivay namastubhyam mantra meaning in hindi)

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” एक काव्यात्मक अभिव्यक्ति है जो भक्ति की परतों को समाहित करती है, यहां आपको हमने बताया है इस मंत्र का हिंदी अर्थ क्या है।

“श्री” (Shree) का मतलब क्या है?

“श्री” शब्द का उपयोग हिंदू धर्म में किसी व्यक्ति विशेष या परमात्मा के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए, नाम से पहले लगाया जाता है, और श्री शब्द अत्यंत सम्मान व्यक्त करता है, श्री शब्द का उपयोग भगवान शिव की पवित्रता और उनके प्रति आस्था को व्यक्त करने के लिए किया गया है।


“शिवाय” (Shivay) का मतलब क्या है?

शिवाय शब्द स्वयं भगवान शिव को संदर्भित करता है, जो विनाश और पुनर्जन्म के सर्वोच्च देवता हैं। शिवाय” (Shivay) का मतलब है “भगवान शिव के बिना” या “शिव के अलावा।” यह शब्द “शिव” का प्रतिष्ठित प्रतिक है और इसका उपयोग भगवान शिव की महत्वपूर्णता और उनके दिव्य गुणों की प्रशंसा के लिए किया जाता है, यह मन्त्र भगवान शिव की पूजा और समर्पण का अभिवादन है।

“नमस्तुभ्यम्” (Namastubhyam) का मतलब क्या है?

“नमस्तुभ्यम्” (Namastubhyam) संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका हिंदी में अर्थ “मेरा नमस्कार” या “तुम्हें मेरा प्रणाम” है। “नमस्ते” का संकेत देते हुए, यह शब्द आदर और सम्मान की भावना को व्यक्त करता है और यह दिखाता है कि आप किसी की महत्वपूर्णता को स्वीकार करते हैं और उनकी ओर समर्पित होते हैं। “नमस्तुभ्यम्” मन्त्र श्री शिवाय की प्रार्थना, पूजा और आदर का अभिवादन करता है।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” (Shree shivay namastubhyam) का पूरा हिंदी अर्थ 

Shree shivay namastubhyam in hindi: श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का हिंदी अर्थ है, “हे श्री शिव मैं आपको सादर नमस्कार करता हूं” या “आदरपूर्वक भगवान शिव को मेरी श्रद्धांजलि”। यह मंत्र भगवान शिव के प्रति हार्दिक श्रद्धा को व्यक्त करता है, इस मंत्र में “श्री” शब्द से भगवान की महिमा को दर्शाया जाता है, “शिवाय” से शिव भगवान की प्रतिष्ठा को दर्शाया जाता है, और “नमस्तुभ्यं” से आदर और समर्पण की भावना को व्यक्त किया जाता है। 

इस मंत्र के उच्चारण से सभी महादेव के भक्त भगवान शिव से आशीर्वाद की कामना के लिए प्रार्थना करते हैं। हम आशा करते हैं आपको समझ आ गया होगा “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का हिंदी अर्थ क्या है।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र की उत्पत्ति 

प्राचीन हिंदू ग्रंथो के माध्यम से श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र की उत्पत्ति का पता लगाया जा सकता है, जहां ऋषियों ने शिव द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने के साधन के रूप में इसका जाप किया था। सदियों से, यह मंत्र विभिन्न योगिक और तांत्रिक परंपराओं से होकर गुजरा है, और आध्यात्मिक उत्थान चाहने वाले लाखों लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ी है।

इस मंत्र का उच्चारण भगवान शिव की आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है तथा इस मंत्र के अनेकों फायदे हैं जिनकी आगे आपको पूरी जानकारी दी गई है।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र के फायदे और जाप के लाभ (Shree Shivay Namastubhyam Mantra Benefits)

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” मंत्र केवल अक्षरों का संग्रह नहीं है, यह गहन आशीर्वाद का पात्र है, माना जाता है कि इस मंत्र का नियमित जाप मन और आत्मा को शुद्ध करता है, नकारात्मकता और अशुद्धियों से छुटकारा दिलाता है। 

ऐसा कहा जाता है कि यह भगवान शिव की कृपा का आह्वान करता है, जिससे भक्तों को शक्ति, साहस और सुरक्षा मिलती है। इस मंत्र के जाप करने से मन को शांति, आंतरिक शांति को बढ़ावा और आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने में सहायता मिलती है। 

Shree Shivay Namastubhyam

यह मंत्र धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित नहीं है, यह आत्म-सुधार और परिवर्तन के लिए एक अच्छा मार्ग है जो भगवान शिव के आशीर्वाद तक पहुंचाने का रास्ता दिखाता है, 

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” केवल शब्दों का एक क्रम नहीं है, यह अतिक्रमण का एक माध्यम है। इसमें युगों-युगों का ज्ञान समाहित है, जिसमें भक्ति, विनम्रता और परिवर्तन का सार समाहित है। चाहे ध्यान की शांति में जप किया जाए या जरूरत के क्षणों में फुसफुसाया जाए, यह मंत्र आध्यात्मिक यात्रा में एक शाश्वत साथी है, जो परमात्मा से मिलने के बीच की दूरी को कम करता है।

तथा पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी का कहना है कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र के जाप से किसी भी गंभीर बीमारी से लड़ा जा सकता है और उस बीमारी से मुक्ति पाई जा सकती है, और इस मंत्र को लेकर एक मान्यता भी है कि लकवा और बुखार के मरीज अगर इस मंत्र का जाप करते हैं तो उन्हें इस बीमारी मैं फायदा मिलता है।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र जाप की विधि

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र जाप की विधि यहां आपके साथ साझा की गई है, जो कि निम्न प्रकार से है:

शुद्धि और साधना का विशेष ध्यान रखें।

मंत्र का जाप करने से पहले आपको स्नान जरूर कर लेना चाहिए, और मंत्र का जाप आप अपने पूजा के कमरे या किसी शांत और शुद्ध स्थान पर भी कर सकते हैं।

108 मोती की माला का उपयोग करे।

मंत्र का जाप करते समय आप 108 मोती की माला का उपयोग जरूर करें और मंत्रो का पूरे 108 बार जाप करें, आप मोती की माला की सहायता से मंत्र की गिनती ध्यान रख सकते हैं। इस मंत्र की एक मान्यता यह भी है कि इस मंत्र का 108 बार किया गया जाप महामृत्युंजय मंत्र के 1 लाख 8 हजार बार किए गए जाप के बराबर होता है।

मंत्र जाप में अपना पूरा ध्यान लगाए। 

मंत्र उच्चारण करते समय आपको आंख बंद कर भगवान शिव की छवि को सामने लाना है और भगवान शिव के प्रति ध्यान मग्न हो जाना है।

मंत्र का समापन:

मंत्र समापन के बाद अपना ध्यान कुछ समय के लिए भगवान शिव पर ही केंद्रित रखें और शांति और स्थिरता से भगवान शिव से अपनी मनोकामना को मांगे।

मंत्र के जाप को नियमित और आदर्श रूप से करने से आप इसके सकारात्मक प्रभाव को अधिक महसूस कर सकते हैं, ध्यान और समर्पण के साथ, यह मंत्र आपके आंतरिक शांति, स्थिरता, और आध्यात्मिक विकास में मदद कर सकता है।

“श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का जाप 108 बार वीडियो के माध्यम से देखें

यदि आपको मंत्र पढ़ने से संबंधित कोई भी समस्या आती है, तो ऐसे में आप अपने टीवी या मोबाइल पर यहां दिए गए वीडियो को प्ले कर सकते हैं इस वीडियो में श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का जाप पूरे 108 बार किया गया है।

आप अपने मोबाइल या टीवी पर इस वीडियो को चलाकर भगवान शिव का ध्यान लगा सकते हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

Video credits: BHAKTI MALA

People also ask: आपके पूछे गए प्रश्न

प्रश्न: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का क्या अर्थ है? 

उत्तर: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” एक संस्कृत मंत्र है जो परिवर्तन के सर्वोच्च देवता भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और अभिवादन को व्यक्त करता है, यह भगवान शिव के दिव्य गुणों के प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक है, जिसका अर्थ होता है “है श्री शिव मैं आपको नमस्कार करता हूं”।

प्रश्न: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” मंत्र की उत्पत्ति कहा से हुई थी?

उत्तर: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम” मंत्र की उत्पत्ति का पता प्राचीन वैदिक ग्रंथों से लगाया जा सकता है। इसे विभिन्न योगिक और आध्यात्मिक परंपराओं के माध्यम से पारित किया गया है, और यह हिंदू आध्यात्मिकता में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

प्रश्न: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” मंत्र के जाप से क्या लाभ होता है?

उत्तर: माना जाता है कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम” मंत्र का जाप करने से कई तरह के आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिलते हैं, इस मंत्र का नियमित पाठ करने से मन और आत्मा को शुद्ध करने, भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

प्रश्न: “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” मंत्र का जाप कैसे करना चाहिए? 

उत्तर: आपकी पसंद के आधार पर मंत्र का जाप जोर से या चुपचाप मन में किया जा सकता है। आराम से बैठने के लिए एक शांत और शांतिपूर्ण जगह ढूंढें, मन को शांत करने के लिए कुछ गहरी साँसें लें और फिर मंत्र का जाप शुरू करें।

प्रश्न: क्या इस मंत्र का जाप करने का कोई निश्चित समय है? 

उत्तर: समय के बारे में कोई सख्त नियम नहीं है, कई अभ्यासकर्ताओं का मानना ​​है कि सुबह जल्दी या ध्यान सत्र के दौरान मंत्र का जाप करने के लिए आदर्श समय है। हालाँकि, जब भी आप भगवान शिव की ऊर्जा से जुड़ने के लिए आकर्षित महसूस करें तो आप इसका जाप कर सकते हैं। याद रखें कि मंत्र की शक्ति आपकी सच्ची श्रद्धा और इरादे में निहित है, इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा में एक मार्गदर्शक प्रकाश बनने दें, जो आपको आपके भीतर और आस-पास मौजूद दिव्य ऊर्जाओं से जोडता हैं।

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